गहलोत की चतुराई और पायलट की नादानी में फँस सकती हैं शेखावटी की 21 सीटें

शेखावाटी जनपद मे गहलोत की चतूराई व पायलेट की नादानी से कांग्रेस को नुकसान पहुंचना तय।
।अशफाक कायमखानी।
सीकर।
राजस्थान के शेखावाटी जनपद की कुल इक्कीस सीटो मे से कुछ सीटो पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चतूराई से टिकटो मे हुये फैरबदल से कांग्रेस को बडा नुकसान पहुंचना तय माना जा रहा है। गहलोत स्थानीय मजबूत दावेदारों को दर किनार करके अपने कुछ समर्थकों के टिकट बचाने व कुछ को टिकट दिलवाने मे कामयाब जरुर हो गये है। लेकिन वहा बगावत होने से कांग्रेस की हालत काफी पतली होने का अहसास होने लगा है।
शेखावाटी जनपद की सरदारशहर से भवरलाल शर्मा, सुजानगढ़ से भंवरलाल मेघवाल, झूझूनू से विजेद्र ओला, लक्ष्मनगढ से डोटासरा, दांतारामगढ़ से विरेन्द्र सिंह व सूरजगढ़ से श्रवण चोधरी तो अपने दम पर टिकट पाने मे कामयाब रहे। लेकिन तारानगर से पूर्व विधायक सीएस वेध, फतेहपुर से विधायक नंदकिशोर महरिया व उदयपुर वाटी से पूर्व मंत्री राजेंद्र गुडा टिकट पाने मे अशोक गहलोत की रचित व्यू रचना के सामने आऊट होते नजर आये। दूसररी तरफ पीलानी से जेपी चंदेलीया, उदयपुरवाटी से भगवान लाल सैनी, नवलगढ से राजकुमार शर्मा, रतनगढ़ से भवंर पुजारी, चूरु से रफीक मण्डेलीया व तारानगर से नरेन्द्र बूडानीया को टिकट दिलववानै मे गहलोत कामयाब रहे। दूसरी तरफ नीमकाथाना से पूर्व विधायक रमेश खण्डेवाल व खण्डेला से पूर्व केन्द्रीय मत्री महादेव सिंह की टिकट के रगा लगाने मे सचिन पायलेट कामयाब होकर गहलोत से मामूली हिसाब चूकता किया।
बने मोजूदा राजनीतिक परिपेक्ष्य मे चूरु जिले की सरदारशहर व सुजानगढ़ मे कांग्रेस काफी मजबूत तो रतनगढ़ मे निर्दलीय राजकुमार रिणवा भारी पडेगे। तारानगर मे त्रिकोणीय मुकाबला तो राजगढ़ मे फिर बसपा के मनोज न्यांगली व चूरु मे राजेन्द्र राठोड़ भारी पड़ते दिखाई देगे। झूंझुनू जिले मे पीलानी व सुरजगढ मे कांग्रेस भारी, खेतड़ी व मंडावा मे मुकाबला, उदयपुर वाटी मे भाजपा भारी व नवलगढ मे भाजपा उम्मीदवार बनवारी सैनी व निर्दलीय जाखल एवं लोकतांत्रिक पार्टी की उम्मीदवार पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह के मध्य कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। सीकर जिले मे फतेहपुर, धोद ,दांतारामगढ़ मे जबरदस्त टक्कर, नीमकाथाना मे भाजपा जरा भारी व श्रीमाधोपुर मे कांग्रेस भारी तो सीकर मे आरएलपी के वाहिद चोहान व भाजपा के जलधारी मे कडा मुकाबला होगा। कांग्रेस उम्मीदवार 1980 की तरह तीसरे नम्बर पर रह सकता है। खण्डेला मे निर्दलीय महादेव सिंह व भाजपा के बाजीया के मध्य कड़ा मुकाबला होगा जहा काग्रेस कमजोर पड़ती नजर आयेगी।
कुल मिलाकर यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलेट व विपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी ने अपने समर्थकों को टिकट दिलवाने व दूसरे के समर्थकों की टिकट काटने के चक्कर मे ताकत लगा कर कांग्रेस मे मचे घमासान से तबाही मचाने से कांग्रेस को काफी नूक्सान पहुंचाने के चलते जीती हुई बाजी को हार की तरफ ले जाने लगे हुये किरदार मे नजर आ रहे है।

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