राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या, राजस्थान की राजनीति मे आया भूचाल !


राजस्थान के पुलिस विभाग के कर्मठ, दबंग व ईमानदारी के साथ इंसाफाना कार्रवाई करने के लिये विख्यात चूरू जिले के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई का शव शनिवार को उनके सरकारी क्वार्टर में फंदे से झूलता मिला!

जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप व जनता मे शोक की लहर छाने के बाद थाने से सामने भारी भीड़ जमा होने व अनेक नेताओं के इस घटना को लेकर सक्रिय होने से राजस्थान की राजनीति मे एक तरह से अचानक भूचाल सा आ गया है।

दूसरी तरफ थाना प्रभारी विष्णु विश्नोई के आत्महत्या की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक एसपी तेजस्वनी व आईजी रेंज जोश मोहन भी मौके पर पहुंच कर मामले की जांच-पड़ताल में जुटे हैं।

मौके से सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि आईजी रेंज ने कर दी है।
जानकारी के अनुसार सुसाइड नोट मे क्या लिखा है, इसके बारे मे पुलिस अधिकारी अभी तक कुछ खास नही बता रहे है लेकिन आईजी ने यह जरूर कहा है कि किसी राजनीतिक दवाब का नोट में कोई ज़िक्र नही है।

जबकि सीआई विष्णु विश्नोई के एक दोस्त वकील गोर्धन सिंह ने उनसे दो रोज पहले हुई वाटसेप चेट को सोशल मीडिया पर जारी किया है। जिसमे राजनीतिक दवाब व फंसाने का ज़िक्र जरुर है।

वकील गोरधन ने जांच से कुछ पुलिस अधिकारियों को दूर रखने व सीबीआई जांच की मांग रखी है। विश्नोई पिछले कुछ समय से तनाव में चल रहे थे. शुक्रवार देर रात तक वे हत्या के एक मामले की जांच कर रहे थे. पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने इस मामले को लेकर आईजी और एसपी से रिपोर्ट तलब की है!

एसपी ने एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाकर शव को नीचे उतारवाया है। ऊधर डीजी ने एडीजी राजीव शर्मा को राजगढ़ जाने के निर्देश दिये है।

विष्णु विश्नोई के आत्महत्या करने की खबर आग की तरह पहले राजगढ़ फिर राज्य भर मे फैलने के बाद राजगढ़ के पूर्व विधायक व बसपा नेता मनोज न्यांगली व व्यापार मण्डल के सदस्यों सहित भारी भीड़ थाने के सामने जमा होकर धरना शुरु करके घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग करने लगे है।

बाद मे मोके पर चूरू के पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां भी पहुंच कर उच्च स्तरीय जांच की मांग मे सुर मे सुर मिलाया। इनके अतिरिक्त नोखा विधायक विश्नोई, चूरु सांसद राहुल कस्वा, नागोर सांसद हनुमान बेनीवाल भी राज्य सरकार पर हमला बोलते हुये आत्महत्या पर सवाल उठाते हुये न्यायिक जांच की मांग करते हुये कहा कि पुलिस का इकबाल कायम रहने के लिये जांच मे दूध का दूध व पानी का पानी होना जरुरी है।

भादरा के माकपा विधायक बलवान पुनिया ने भी जांच की मांग करते हुये इंसाफ की लड़ाई मे मृतक सीआई के परिवार के साथ खड़े होने की बात कही है।

भाजपा नेता व चूरु विधायक राजेन्द्र राठौड़ भी घटना के बाद सक्रिय होकर सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिये सरकार को कठघरे मे खड़ा करते हुये उच्च स्तरीय जांच की मांग कर डाली है।

इसके अतिरिक्त सवालों में घिरी राजगढ़ की कांग्रेस विधायक कृष्णा पुनिया ने भी राजस्थान के मुख्यमंत्री जिनके पास गृह विभाग भी है से जांच की मांग की है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जिनके पास गृह विभाग भी है। उन्हे घटना पर दुख व्यक्त करते हुये विश्नोई के परिवार के साथ खड़ा होने को कहा है!

जबकि सीआई विष्णु विश्नोई के आत्महत्या करने की घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जोरदार हमला बोला है। वही भारी भीड़ थाने के सामनै मोजूद होने से तनाव के हालात बने हुये है!

राजगढ़ दो प्रदेशों की सीमा पर स्थित क्षेत्र है। राजगढ़ थाने को अपराध व मादक पदार्थ एवं शराब तस्करी के लिहाज से काफी सेंसेटिव थाना माना जाता है। सीआई विष्णु विश्नोई ने अपराध पर लगाम लगाने की भरपूर कोशिश की थी। एवं जनता मे भयमुक्त माहोल कायम किया था। दबंग पुलिस अधिकारी के तोर पर विष्णु विश्नोई की पहचान बन चुकी थी!

मेडिकल टीम से पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंपा जाएगा. शाम तक आईजी और एसपी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजेंगे. राजगढ़ थाना परिसर में माहौल गमगीन है और वहां सन्नाटा पसरा हुआ है.

कोई कुछ कहने की स्थिति में नहीं है. पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की जांच की जाएगी. उसके बाद आगे की जांच की जाएगी. आत्महत्या के क्या कारण रहे इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है.

घटना से जिले के पुलिस अधिकारी भी सकते हैं. विश्नोई को किस बात का तनाव था इसका भी अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है. कुछ समय पहले जयपुर जिले में एक थाना अधिकारी ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी!

कुल मिलाकर यह है COVID-19 व लॉकडाउन के कारण प्रदेश की राजनीति में छाई खामोशी के मध्य राजगढ़ के थाना अधिकारी विष्णु विश्नोई के अचानक आत्महत्या करने को लेकर अनेक तरह के सवाल उठने के साथ साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था के साथ उक्त घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर अनेक विपक्षी नेताओं के सरकार पर हमलावर होने से प्रदेश की राजनीति मे एकदम से गरमाहट ला दी है।!

राजगढ के दारिया मुठभेड़ , विरेन्द्र न्यांगली हत्याकांड सहित राजगढ़ मे अनेक घटित घटनाओं को लेकर यह क्षेत्र हमेशा से चर्चित रहा है। राजगढ़ थाना प्रभारी विष्णु विश्नोई के आत्महत्या करने की घटना के बाद राजस्थान की राजनीति मे गरमाहट आना निश्चित है।

-Ashfaq Kayamkhani

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *