भारतीय सामाजिक व्यवस्था का शोकगीत है अनुभव सिन्हा की फ़िल्म आर्टिकल -15

भारतीय समाज व्यवस्था का शोकगीत है आर्टिकल 15 हर गांव में एक तालाब है। सुअरों का…

कबीर सिंह फ़िल्म : एक सनकी और महिला विरोधी आशिक़ की कहानी!

कबीर सिंह : एक सनकी और महिला विरोधी सोच वाला आशिक तुम्हारा बंदा कैसे हो सकता…

कादर खान को कोई भी राष्ट्रीय पुरस्कार ना दिया जाना,पुरस्कार को ही कटघरे में खड़ा करता है!

-माजिद मजाज़ कादर खान साहब ने पद्म पुरस्कारों पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा था…

स्त्री फ़िल्म समीक्षा:महिला के चुड़ैल होने का कंसेप्ट ही समाज पर तमाचा है!

–अवधेश पारीक स्त्री : समाज में महिलाओं के प्रति नज़रिया बदलेगा तो सारे भूत अपने आप…