“इंक़लाब ज़िंदाबाद” का नारा देने वाले आज़ादी के सच्चे सिपाही ‘मौलाना हसरत मोहानी’

हसरत मोहानी : गंगा जमुनी तहज़ीब का इंक़लाबी शायर बहुत सारे हिंदुस्तानी शायर ऐसे हुए हैं,…

मज़दूरों की मौत का जिम्मेदार कोरोना नहीं सरकारी अव्यवस्थाएं हैं, पीड़ितों को मिले एक करोड़ का मुआवजा !

जालना से औरंगाबाद जा रहे 16 मज़दूर मालगाड़ी से कट कर मर गए, एक घायल है।…

लॉकडाउन: अस्पतालों से जुड़ी तीन सच्ची घटनायें, जो सोचने पर मजबूर कर देगी !

सीन-एक समय रात दो बजे स्थान शहर का एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल “जल्दी उतरो, अरे जल्दी…

ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनिया…सड़कों पर कई कि.मी. पैदल चलने को मजबूर सैकड़ों रामलला !

पहले रामायण आती थी तो सड़कों पर कर्फ्यू लग जाता था. आज सड़कों पर कर्फ्यू है…